जब कोच ने की थी उमेश यादव की बेइज़्ज़ती...

उमेश यादव छोड़ देना चाहते थे क्रिकेट। ..... 

नई दिल्ली-भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज उमेश यादव ने 2010 में भारत के लिए डेब्यू किया। हाल ही में इस तेज गेंदबाज ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 10 साल पूरे किए हैं। उन्होंने अपने करियर में अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं।टेस्ट क्रिकेट के विशेषज्ञ गेंदबाज उमेश यादव ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि कोच द्वारा अपमानित किए जाने के बाद एक समय था जब वह क्रिकेट छोड़ देना चाहते थे।

                         उमेश यादव ने क्रिकबज के शो 'स्पाइसी पिच' में इस घटना का जिक्र करते हुए कहा, 'मैं सीजन बॉल से पहले टेनिस बाल से खेलते हुए आगे बढ़ना चाहता था। वह नागपुर में एक समर कैंप का हिस्सा थे। कोच ने उन्हें यह कहकर अपमानित किया कि मैं खेल से ज्यादा खुद को अहमियत देता हूं।'

umesh yadav insult by coach

                       उमेश ने कहा, 'मुझे लगा था कि सीजन बॉल भी उसी तरह होती होगी। लोग इससे भी खेलते होंगे। जब मैं मैदान में पहुंचा तो किसी ने मेरी फास्ट यॉर्कर्स को नोटिस किया। उसने मुझे चुपचाप नागपुर के लिए जिला क्रिकेट खेलने का प्रस्ताव दिया। मैंने 8 विकेट लिए  उन्होंने  मुझ समर कैंप में बुलाया।'

           उन्होंने कहा, कैंप में पहले दिन कोच ने मुझसे मेरे क्रिकेटिंग शूज के बारे में पूछा।' उन्होंने कहा, 'तुम्हारे पास जूते नहीं हैं और तुम यहां क्रिकेट खेलने आगए, तुम स्पाइक शूज के बारे में भी नहीं जानते। पता नहीं किस-किस को बुला लेते हैं ये लोग।मुझे बहुत बुरा लगा और मैं क्रिकेट छोड़ने की सोचने लगा।' इन सारी कठिनाइयों के बावजूद 2010 में उमेश ने सुरेश रैना की कप्तानी में डेब्यू किया। जिंबाब्वे के दौरे पर रैना कप्तान थे, 2011 में उनके जीवन का सबसे अहम पल आया, जब उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट में डेब्यू किया। 2011 के आस्ट्रेलियाई दौरे भी वह टीम में थे जहां सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण और जहीर खान
जैसे दिग्गज टीम के सदस्य थे। तब से उमेश ने अपना एक मुकाम बनाया है। 2015 के विश्व कप में प्रमुख विकेट लेने वाले गेंदबाज थे। वह वनडे में तीन बार पांच-पांच और टेस्ट में एक बार 10 विकेट ले चुके हैं।

Post a comment

0 Comments